श्रावण मास 2026: तिथियां, सावन सोमवार व्रत, और पूजा विधि | SmartPuja

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श्रावण मास 2026 तिथियां, सावन सोमवार व्रत और रुद्राभिषेक पूजा

श्रावण मास (सावन) 2026: तिथियां, सावन सोमवार व्रत, मंत्र और महत्व

Last Updated: 25 June 2026

Reviewed by: Vedic Scholars & Certified Priests of SmartPuja

श्रावण मास (जिसे सावन का महीना भी कहा जाता है) हिंदू पंचांग का सबसे पवित्र महीना है, जो पूरी तरह से भगवान शिव को समर्पित है। आइए जानते हैं 2026 में सावन कब से शुरू हो रहा है और इसका क्या महत्व है।

श्रावण मास 2026 Quick Facts

श्रावण मास 2026 उत्तर भारत में 30 जुलाई से 28 अगस्त तक और दक्षिण भारत में 13 अगस्त से 11 सितंबर तक रहेगा।

  • उत्तर भारत में सावन: 30 जुलाई – 28 अगस्त
  • दक्षिण भारत में सावन: 13 अगस्त – 11 सितंबर
  • पहला सावन सोमवार (उत्तर): 3 अगस्त
  • पहला सावन सोमवार (दक्षिण): 17 अगस्त

मानसून के समय में आने वाला यह महीना शिव और शक्ति के आध्यात्मिक मिलन का प्रतीक है। इस अवधि के दौरान पड़ने वाला हर सोमवार उपवास रखने और रुद्राभिषेक करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

श्रावण मास 2026 की तिथियां (उत्तर बनाम दक्षिण भारत)

आपके क्षेत्र में अपनाए जाने वाले चंद्र कैलेंडर के आधार पर श्रावण की तिथियां भिन्न होती हैं। उत्तर भारत पूर्णिमांत कैलेंडर का पालन करता है, जबकि दक्षिण/पश्चिम भारत अमावस्यांत कैलेंडर का पालन करता है।

क्षेत्र प्रारंभ तिथि समाप्ति तिथि
उत्तर भारत
(राजस्थान, यूपी, एमपी, पंजाब, बिहार, दिल्ली)
30 जुलाई 2026
(गुरुवार)
28 अगस्त 2026
(शुक्रवार)
दक्षिण और पश्चिम भारत
(महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, आदि)
13 अगस्त 2026
(गुरुवार)
11 सितंबर 2026
(शुक्रवार)

सावन सोमवार व्रत 2026 की तिथियां

सावन में सोमवार का व्रत रखना सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। कई कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए सोलह सोमवार व्रत शुरू करती हैं।

📍 उत्तर भारत की तिथियां:

  • पहला सोमवार: 3 अगस्त 2026
  • दूसरा सोमवार: 10 अगस्त 2026
  • तीसरा सोमवार: 17 अगस्त 2026
  • चौथा सोमवार: 24 अगस्त 2026
📍 दक्षिण और पश्चिम भारत की तिथियां:

  • पहला सोमवार: 17 अगस्त 2026
  • दूसरा सोमवार: 24 अगस्त 2026
  • तीसरा सोमवार: 31 अगस्त 2026
  • चौथा सोमवार: 7 सितंबर 2026

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वैज्ञानिक कारण: श्रावण में उपवास क्यों करें?

श्रावण के अनुष्ठानों के पीछे एक मजबूत वैज्ञानिक कारण भी है:

  • कमजोर पाचन: आयुर्वेद के अनुसार, मानसून में वात दोष बढ़ जाता है, और जठराग्नि (पाचन अग्नि) कमजोर होती है। उपवास शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है।
  • जलजनित रोग: पत्तेदार सब्जियों (जिनमें मानसून में कीड़े लगते हैं) से बचने की परंपरा स्वच्छता से जुड़ी है।
  • दूध क्यों चढ़ाया जाता है? प्राचीन काल में, गायें मानसूनी घास चरती थीं, जो कभी-कभी पचने में भारी हो सकती थी। इसलिए, कई परंपराओं में श्रावण के दौरान कच्चा दूध पीने के बजाय इसे त्याग के रूप में शिवलिंग पर अर्पित करने की प्रथा है।

समुद्र मंथन फैंटेसी आर्ट: सावन में भगवान शिव द्वारा हलाहल विष पान और नीलकंठ रूप

समुद्र मंथन की पौराणिक कथा

देवताओं और असुरों द्वारा किए गए समुद्र मंथन के दौरान हलाहल नामक घातक विष निकला था। सृष्टि को बचाने के लिए, भगवान शिव ने इस विष को पी लिया, जिससे उनका गला नीला पड़ गया (नीलकंठ)। विष के ताप को शांत करने के लिए, देवताओं ने उन्हें पवित्र जल अर्पित किया। यह घटना श्रावण मास में हुई थी। इसलिए, सावन में जलाभिषेक करना पूजा का सर्वोच्च रूप माना जाता है।

श्रावण मास के लिए शक्तिशाली शिव मंत्र

इन मंत्रों का जाप ब्रह्म मुहूर्त या प्रदोष काल में करने से असीम शांति मिलती है।

1. पंचाक्षरी मंत्र:
“ॐ नमः शिवाय”
2. महामृत्युंजय मंत्र:
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥”

श्रावण मास में क्या करें और क्या न करें (Do’s and Don’ts)

✅ क्या करें:

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें।
  • शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और जल अर्पित करें।
  • सोमवार का व्रत रखें और सात्विक आहार लें।
🚫 क्या न करें:

  • मांसाहार, शराब, प्याज और लहसुन का सेवन न करें।
  • शिवलिंग पर हल्दी या कुमकुम का प्रयोग न करें।
  • बुजुर्गों या असहाय लोगों का अपमान न करें।

श्रावण के महीने में कई अन्य महत्वपूर्ण त्योहार भी मनाए जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए हमारा हिंदू त्योहार कैलेंडर 2026 देखें:

  • कांवड़ यात्रा: शिवभक्त गंगा जल लाकर अपने स्थानीय मंदिरों में अर्पित करते हैं।
  • हरियाली तीज: शिव और पार्वती के मिलन का उत्सव।
  • नाग पंचमी: नाग देवता की विशेष पूजा।
  • रक्षा बंधन: पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला भाई-बहन का पवित्र त्योहार।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. उत्तर भारत में सावन 2026 कब से शुरू हो रहा है?

उत्तर भारत (राजस्थान, यूपी, बिहार आदि) में श्रावण मास 2026 30 जुलाई 2026 से शुरू होगा।

2. महाराष्ट्र और गुजरात में सावन 2026 कब शुरू होगा?

महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में श्रावण मास 13 अगस्त 2026 को शुरू होगा।

3. सावन में कितने सोमवार हैं?

2026 में सावन के महीने में कुल 4 सोमवार पड़ रहे हैं (उत्तर और दक्षिण दोनों कैलेंडर में)।

4. सावन का पहला सोमवार कब है?

उत्तर भारत में सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को है, जबकि दक्षिण और पश्चिम भारत में यह 17 अगस्त 2026 को है।

5. सावन में रुद्राभिषेक कब करना चाहिए?

वैसे तो सावन का हर दिन शुभ है, लेकिन सावन सोमवार, प्रदोष व्रत और शिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक करना सबसे अधिक फलदायी माना जाता है।

6. क्या महिलाएं सावन सोमवार व्रत रख सकती हैं?

जी हाँ, अविवाहित कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए और विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु व सुख-शांति के लिए सावन सोमवार का व्रत रख सकती हैं।

7. सावन में क्या नहीं खाना चाहिए?

सावन में मांसाहार, शराब, प्याज, लहसुन, बैंगन, और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन वर्जित माना जाता है।

8. श्रावण और सावन में क्या अंतर है?

श्रावण और सावन में कोई अंतर नहीं है। ‘श्रावण’ संस्कृत का मूल शब्द है, जबकि ‘सावन’ इसका अपभ्रंश (बोलचाल का हिंदी रूप) है।

9. श्रावण मास में कौन सी पूजा करनी चाहिए?

श्रावण मास में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, लघु रुद्र और शिव पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

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Nishchay Chaturvedi