रुद्राभिषेक पूजा विधि: मंत्र, सामग्री और लाभ (2026 Guide)

रुद्राभिषेक पूजा: सामग्री, विधि, मंत्र और लाभ (Complete Guide)
देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए रुद्राभिषेक पूजा को बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है। भगवान शिव, जिन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है, अपने भक्तों पर अपार कृपा बरसाते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम ने लंका पर विजय पाने से पहले रामेश्वरम में भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया था।
रुद्राभिषेक का अर्थ: रूद्र (शिव) का अभिषेक। यानी भगवान शिव को पवित्र जल, दूध, दही, शहद, और गन्ने के रस से स्नान कराना।
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रुद्राभिषेक पूजन सामग्री लिस्ट
पूजा शुरू करने से पहले यह सामग्री एकत्रित कर लें:
| शुद्ध जल और गंगाजल | गाय का दूध, दही, घी | शहद और शक्कर |
| बिल्वपत्र (बेलपत्र) | भांग और धतूरा | सफेद चंदन, भस्म |
| गन्ने का रस / नारियल पानी | अक्षत (चावल) | जनेऊ और मौली |
| धूप, दीप, अगरबत्ती | फल और मिठाई (नैवेद्य) | कपूर (आरती के लिए) |
रुद्राभिषेक पूजन विधि (Step-by-Step)
भगवान शिव का अभिषेक करने की सही विधि इस प्रकार है:
- स्थापना: शिवलिंग को उत्तर दिशा में स्थापित करें और पूर्व की ओर मुख करके बैठें।
- गणेश पूजन: सबसे पहले भगवान गणेश का आह्वान करें। उन्हें तिलक, अक्षत और दूर्वा चढ़ाएं।
- संकल्प: हाथ में जल और फूल लेकर पूजा का संकल्प लें।
- अभिषेक: अब श्रृंगी (Cow Horn) या कलश से शिवलिंग पर लगातार जलधारा छोड़ें। जल के बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें।
- मंत्र जाप: अभिषेक करते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप करते रहें।
- शृंगार: अभिषेक के बाद शिवलिंग को साफ जल से धोएं और चंदन, भस्म व बेलपत्र से सजाएं।
- आरती: अंत में कपूर जलाकर शिव जी की आरती करें और प्रसाद बांटें।
🎥 देखें: रुद्राभिषेक पूजा (Video)
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रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र
अभिषेक के दौरान इन शक्तिशाली मंत्रों का उच्चारण अवश्य करें:
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिबर्धनम् |
उर्वारूकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात् ||”
लघु मंत्र: ॐ नमः शिवाय
विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक के लाभ
- दुग्ध (दूध) अभिषेक: लंबी आयु और संतान प्राप्ति के लिए।
- शहद अभिषेक: पापों के नाश और सुखी जीवन के लिए।
- गन्ने का रस: धन और समृद्धि (लक्ष्मी प्राप्ति) के लिए।
- सरसों का तेल: शत्रुओं के नाश और बाधाओं को दूर करने के लिए।
- जल अभिषेक: मानसिक शांति और वर्षा के लिए।
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रुद्राभिषेक एक जटिल पूजा है जिसमें वेदों के ‘रुद्री पाठ’ का उच्चारण आवश्यक है। यदि आप इसे विधि-विधान से करना चाहते हैं, तो SmartPuja आपकी मदद कर सकता है。
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
सोमवार, शिवरात्रि, प्रदोष व्रत और सावन का महीना रुद्राभिषेक के लिए सबसे उत्तम माने जाते हैं।
जी हाँ, यदि आपके घर में शिवलिंग है तो आप अभिषेक कर सकते हैं। बड़ी पूजा के लिए पंडित जी को बुलाना बेहतर होता है।
वैदिक विधि से ‘एका रुद्राभिषेक’ करने में लगभग 2 घंटे का समय लगता है।









