सोलह सोमवार व्रत: विधि, कथा, नियम और उद्यापन

Hindi

सोलह सोमवार व्रत: विधि, कथा, नियम और उद्यापन

सोलह सोमवार व्रत के दौरान शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाती हुई महिला।

सोलह सोमवार व्रत: विधि, कथा और नियम

सोलह सोमवार व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने वाला सबसे शक्तिशाली अनुष्ठान है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, स्वयं माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए यह कठिन व्रत किया था।

चाहे मनचाहा जीवनसाथी पाना हो, दांपत्य जीवन में सुख-शांति चाहिए हो, या करियर में सफलता—श्रद्धापूर्वक किया गया यह 16 हफ्तों का व्रत सभी मनोकामनाएं पूर्ण करता है।

16 सोमवार व्रत का महत्व

सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्र देव को समर्पित है। इस दिन पूजा करने से मानसिक शांति मिलती है।

  • 💑 विवाह हेतु: कुंवारी कन्याएं शिव जैसा वर पाने के लिए यह व्रत रखती हैं।
  • 🏡 दांपत्य सुख: विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और गृह क्लेश दूर करने के लिए इसे करती हैं।
  • 💪 स्वास्थ्य लाभ: यह व्रत चंद्र दोष को दूर करता है और तनाव व बीमारियों से मुक्ति दिलाता है।
  • 💰 आर्थिक उन्नति: 16 सोमवार के विधिवत पालन से आर्थिक संकट दूर होते हैं।

📅 व्रत कब शुरू करें?

वैसे तो यह व्रत शुक्ल पक्ष के किसी भी सोमवार से शुरू किया जा सकता है, लेकिन निम्नलिखित महीने सर्वश्रेष्ठ हैं:

  • सावन (श्रावण) मास: शिव जी का सबसे प्रिय महीना।
  • चैत्र मास (मार्च-अप्रैल)
  • वैशाख मास (अप्रैल-मई)
  • कार्तिक मास (अक्टूबर-नवंबर)

पूजन सामग्री सूची

🥛 अभिषेक सामग्री
गंगाजल, कच्चा दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (पंचामृत)।
🌿 अर्पण हेतु
बेलपत्र (बिल्व पत्र), धतूरा, सफेद फूल, चंदन, भस्म, जनेऊ।
🍬 प्रसाद (विशेष)
गेहूं का आटा, घी और गुड़ से बना चूरमा
🕯️ अन्य सामग्री
धूप, दीप, कपूर, पान का पत्ता, सुपारी।

सोलह सोमवार व्रत विधि (Step-by-Step)

इस विधि का पालन 16 सोमवार तक निष्ठापूर्वक करें:

  1. संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। शिवलिंग के समक्ष 16 सोमवार व्रत का संकल्प लें।
  2. अभिषेक: “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते हुए शिवलिंग पर जल और पंचामृत चढ़ाएं।
  3. कथा पाठ: सोलह सोमवार व्रत कथा पढ़ना या सुनना अनिवार्य है। यह कथा बताती है कि कैसे एक श्रापित पुजारी ने इस व्रत से कुष्ठ रोग से मुक्ति पाई।
  4. प्रसाद का नियम: प्रसाद के लिए गेहूं के आटे को घी में भूनकर गुड़ मिलाएं (चूरमा)। इसे 3 हिस्सों में बांटें:
    • एक हिस्सा भगवान शिव के लिए (मंदिर में छोड़ें)।
    • एक हिस्सा भक्तों या बच्चों में बांटें।
    • एक हिस्सा स्वयं प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।
  5. आहार: दिन में केवल एक बार (शाम को) बिना नमक का भोजन या प्रसाद ग्रहण करें। दिन भर फलाहार कर सकते हैं।

🎉 17वें सोमवार को उद्यापन विधि

व्रत का समापन 17वें सोमवार को उद्यापन के साथ होता है। इसके बिना व्रत अधूरा माना जाता है।

  • घर पर भव्य पूजा या रुद्राभिषेक करवाएं।
  • पंडित जी को बुलाकर हवन संपन्न कराएं।
  • भगवान को सवा 5 किलो (या श्रद्धानुसार) चूरमे का भोग लगाएं।
  • विवाहित महिलाओं को सुहाग की सामग्री या ब्राह्मणों को दान दें।

SmartPuja के साथ व्रत का शुभारंभ करें

चाहे व्रत की शुरुआत हो या उद्यापन, हमारे अनुभवी वैदिक पंडित विधि-विधान से आपकी पूजा संपन्न कराएंगे। आज ही बुक करें।

अपने शहर में पंडित खोजें

📍 Find Vedic Pandits in Your City

Priyanka Sharma