शुभ विवाह मुहूर्त 2026: एक खुशहाल और सफल वैवाहिक…

सनातन धर्म का सबसे पवित्र संस्कार
शुभ विवाह मुहूर्त 2026: एक खुशहाल वैवाहिक जीवन की स्वर्णिम तिथियां
शुभ विवाह मुहूर्त 2026 में जनवरी से जुलाई और नवंबर-दिसंबर के बीच 60 से अधिक अत्यंत शुभ तिथियां उपलब्ध हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार फरवरी और मई में शादी के लिए सबसे ज्यादा मुहूर्त हैं। नीचे नक्षत्र और तिथि के विवरण के साथ 2026 की संपूर्ण सूची दी गई है।
क्या आप 2026 में शादी के बंधन में बंधने की योजना बना रहे हैं? हिंदू परंपरा में विवाह संस्कार 16 संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यह केवल दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और आत्माओं का जन्म-जन्मांतर का मिलन है। एक सही और दोषमुक्त शुभ विवाह मुहूर्त का चयन यह सुनिश्चित करता है कि ब्रह्मांडीय ऊर्जाएं आपके पक्ष में हों, जिससे आपका जीवन प्रेम, संतान सुख और अपार समृद्धि से भरा रहे।
शुभ विवाह मुहूर्त मुहूर्त कैसे निकाला जाता है? (Panchang Shuddhi)
वैदिक ज्योतिष में केवल पंचांग देखकर तारीख नहीं बताई जाती। एक निर्दोष शुभ विवाह मुहूर्त के लिए 5 प्रमुख चीजों (पंचांग शुद्धि) पर विचार किया जाता है:
- मास (महीना): चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक) और खरमास (मलमास) में शादियां पूरी तरह वर्जित होती हैं।
- नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र ही विवाह के लिए शुभ माने जाते हैं।
- तिथि: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, एकादशी और त्रयोदशी को प्राथमिकता दी जाती है। ‘रिक्ता तिथियों’ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) से बचा जाता है।
- लग्न शुद्धि: विवाह के समय उदित होने वाली राशि (लग्न) अत्यंत मजबूत होनी चाहिए। आठवें और बारहवें भाव में कोई क्रूर ग्रह नहीं होना चाहिए।
- त्रिबल शुद्धि: वर-वधू की गोचर कुंडली में सूर्य, चंद्र और गुरु (बृहस्पति) का बलवान होना अनिवार्य है।
🌸 2026 शुभ विवाह मुहूर्त की संपूर्ण सूची 🌸
जनवरी 2026 (January)
वर्ष की शुरुआत सूर्य के मकर राशि में प्रवेश (मकर संक्रांति) के साथ होती है। महीने का पहला भाग खरमास (अशुभ) होता है, इसलिए 14 जनवरी के बाद ही विवाह के द्वार खुलते हैं।
| दिनांक (Date) | दिन (Day) | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 14 जनवरी, 2026 | बुधवार | अनुराधा | एकादशी |
| 23 जनवरी, 2026 | शुक्रवार | उत्तराभाद्रपद | पंचमी |
| 25 जनवरी, 2026 | रविवार | रेवती | सप्तमी |
| 28 जनवरी, 2026 | बुधवार | रोहिणी | दशमी |
फरवरी 2026 (February)
12 अत्यंत शुभ तिथियों के साथ, फरवरी 2026 शादियों के लिए साल का सबसे व्यस्त और पसंदीदा महीना है। बैंक्वेट हॉल और पंडित जी की बुकिंग अभी से कर लें!
| दिनांक (Date) | दिन (Day) | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 5 फरवरी, 2026 | गुरुवार | उत्तरा फाल्गुनी | तृतीया |
| 6 फरवरी, 2026 | शुक्रवार | हस्त | चतुर्थी |
| 8 फरवरी, 2026 | रविवार | स्वाति | षष्ठी |
| 10 फरवरी, 2026 | मंगलवार | अनुराधा | अष्टमी |
| 12 फरवरी, 2026 | गुरुवार | मूल | दशमी |
| 14 फरवरी, 2026 | शनिवार | उत्तराषाढ़ा | द्वादशी |
| 19 फरवरी, 2026 | गुरुवार | उत्तराभाद्रपद | तृतीया |
| 20 फरवरी, 2026 | शुक्रवार | उत्तराभाद्रपद | चतुर्थी |
| 21 फरवरी, 2026 | शनिवार | रेवती | पंचमी |
| 24 फरवरी, 2026 | मंगलवार | रोहिणी | अष्टमी |
| 25 फरवरी, 2026 | बुधवार | मृगशिरा | नवमी |
| 26 फरवरी, 2026 | गुरुवार | मृगशिरा | दशमी |
मार्च 2026 (March)
| दिनांक (Date) | दिन (Day) | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 1 मार्च, 2026 | रविवार | मघा | त्रयोदशी |
| 3 मार्च, 2026 | मंगलवार | पूर्वा फाल्गुनी | पूर्णिमा |
| 4 मार्च, 2026 | बुधवार | उत्तरा फाल्गुनी | प्रतिपदा |
| 7 मार्च, 2026 | शनिवार | स्वाति | चतुर्थी |
| 8 मार्च, 2026 | रविवार | स्वाति | पंचमी |
| 9 मार्च, 2026 | सोमवार | अनुराधा | षष्ठी |
| 11 मार्च, 2026 | बुधवार | मूल | अष्टमी |
| 12 मार्च, 2026 | गुरुवार | मूल | नवमी |
अप्रैल 2026 (April)
| दिनांक (Date) | दिन (Day) | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 15 अप्रैल, 2026 | बुधवार | उत्तराभाद्रपद | त्रयोदशी |
| 20 अप्रैल, 2026 | सोमवार | रोहिणी | तृतीया |
| 21 अप्रैल, 2026 | मंगलवार | मृगशिरा | चतुर्थी |
| 25 अप्रैल, 2026 | शनिवार | मघा | अष्टमी |
| 26 अप्रैल, 2026 | रविवार | मघा | नवमी |
| 27 अप्रैल, 2026 | सोमवार | उत्तरा फाल्गुनी | दशमी |
| 28 अप्रैल, 2026 | मंगलवार | उत्तरा फाल्गुनी | एकादशी |
| 29 अप्रैल, 2026 | बुधवार | हस्त | द्वादशी |
मई 2026 (May)
| दिनांक (Date) | दिन (Day) | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 1 मई, 2026 | शुक्रवार | स्वाति | पूर्णिमा |
| 3 मई, 2026 | रविवार | अनुराधा | द्वितीया |
| 5 मई, 2026 | मंगलवार | मूल | चतुर्थी |
| 6 मई, 2026 | बुधवार | मूल | पंचमी |
| 7 मई, 2026 | गुरुवार | उत्तराषाढ़ा | षष्ठी |
| 8 मई, 2026 | शुक्रवार | उत्तराषाढ़ा | सप्तमी |
| 13 मई, 2026 | बुधवार | उत्तराभाद्रपद | द्वादशी |
| 14 मई, 2026 | गुरुवार | रेवती | त्रयोदशी |
जून 2026 (June)
| दिनांक (Date) | दिन (Day) | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 21 जून, 2026 | रविवार | उत्तरा फाल्गुनी | सप्तमी |
| 22 जून, 2026 | सोमवार | उत्तरा फाल्गुनी | अष्टमी |
| 23 जून, 2026 | मंगलवार | हस्त | नवमी |
| 24 जून, 2026 | बुधवार | चित्रा | दशमी |
| 25 जून, 2026 | गुरुवार | स्वाति | एकादशी |
| 26 जून, 2026 | शुक्रवार | स्वाति | द्वादशी |
| 27 जून, 2026 | शनिवार | अनुराधा | त्रयोदशी |
| 29 जून, 2026 | सोमवार | मूल | पूर्णिमा |
जुलाई 2026 (July)
नोट: 11 जुलाई चातुर्मास विश्राम शुरू होने से पहले विवाह के लिए आखिरी शुभ मुहूर्त है।
| दिनांक (Date) | दिन (Day) | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 1 जुलाई, 2026 | बुधवार | उत्तराषाढ़ा | द्वितीया |
| 6 जुलाई, 2026 | सोमवार | उत्तराभाद्रपद | सप्तमी |
| 7 जुलाई, 2026 | मंगलवार | उत्तराभाद्रपद | अष्टमी |
| 11 जुलाई, 2026 | शनिवार | रोहिणी | द्वादशी |
🚫 अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026: कोई मुहूर्त नहीं
इन महीनों के दौरान चातुर्मास (देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक) मनाया जाता है। वैदिक शास्त्रों के अनुसार, इस दौरान भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं, इसलिए विवाह जैसे मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं। यह समय हनीमून की प्लानिंग या गृह प्रवेश पूजा की तैयारी के लिए सबसे अच्छा है।
नवंबर 2026 (November)
देवउठनी एकादशी के बाद शादियों का शुभ विवाह मुहूर्त मौसम वापस आ जाता है।
| दिनांक (Date) | दिन (Day) | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 21 नवंबर, 2026 | शनिवार | रेवती | त्रयोदशी |
| 24 नवंबर, 2026 | मंगलवार | रोहिणी | प्रतिपदा |
| 25 नवंबर, 2026 | बुधवार | रोहिणी | द्वितीया |
| 26 नवंबर, 2026 | गुरुवार | मृगशिरा | तृतीया |
दिसंबर 2026 (December)
| दिनांक (Date) | दिन (Day) | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 2 दिसंबर, 2026 | बुधवार | उत्तरा फाल्गुनी | नवमी |
| 3 दिसंबर, 2026 | गुरुवार | हस्त | दशमी |
| 4 दिसंबर, 2026 | शुक्रवार | चित्रा | एकादशी |
| 5 दिसंबर, 2026 | शनिवार | स्वाति | द्वादशी |
| 6 दिसंबर, 2026 | रविवार | स्वाति | त्रयोदशी |
| 11 दिसंबर, 2026 | शुक्रवार | मूल | तृतीया |
| 12 दिसंबर, 2026 | शनिवार | उत्तराषाढ़ा | चतुर्थी |
प्रमुख शहरों में विवाह के लिए पंडित बुक करें
Mumbai (मुंबई)
Hyderabad (हैदराबाद)
Pune (पुणे)
Chennai (चेन्नई)
Kolkata (कोलकाता)
Delhi NCR (दिल्ली NCR)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q: क्या ये तिथियां भारत के सभी शहरों पर लागू होती हैं?
A: ये शुभ विवाह मुहूर्त तिथियां मानक हिंदू पंचांग पर आधारित हैं। हालाँकि, सूर्योदय के अंतर के कारण सटीक लग्न (Ascendant Time) शहर दर शहर (जैसे बैंगलोर बनाम दिल्ली) अलग-अलग होता है। सटीक समय के लिए हम पंडित जी से परामर्श करने की सलाह देते हैं।
Q: क्या चातुर्मास के दौरान कोर्ट मैरिज की जा सकती है?
A: हाँ, इस दौरान केवल वैदिक अनुष्ठान और अग्नि के फेरे वर्जित होते हैं। कानूनी विवाह (Court Marriage) किया जा सकता है। हालाँकि, अधिकांश परिवार सामाजिक और धार्मिक समारोह के लिए शुभ मुहूर्त की प्रतीक्षा करना पसंद करते हैं।
अपने बड़े दिन के लिए तैयार हैं?
केवल एक शुभ विवाह मुहूर्त तारीख न खोजें, एक दिव्य अनुभव सुनिश्चित करें।









