सत्यनारायण पूजा मंत्र: संपूर्ण सूची और हिंदी अर्थ (Vedic Guide)

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सत्यनारायण पूजा मंत्र: संपूर्ण सूची और हिंदी अर्थ (Vedic…

संस्कृत श्लोकों की पुस्तक और सत्यनारायण भगवान की मूर्ति।

सत्यनारायण पूजा मंत्र: संपूर्ण सूची और हिंदी अर्थ

हिंदू धर्म में मंत्रों (Sacred Chants) का विशेष महत्व है। ये केवल शब्द नहीं, बल्कि मन को एकाग्र करने और ईश्वरीय शक्ति से जुड़ने के साधन हैं। सत्यनारायण पूजा भगवान विष्णु के आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए की जाती है।

वैसे तो आप स्वयं भी इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं, लेकिन वैदिक उच्चारण की शुद्धता के लिए किसी अनुभवी पंडित का होना श्रेष्ठ माना जाता है। SmartPuja आपको अनुभवी पंडित प्रदान करता है जो न केवल सही मंत्रोच्चार करते हैं बल्कि आपको उनका अर्थ भी समझाते हैं।

सत्यनारायण पूजा मंत्र (हिंदी अर्थ सहित)

एक पारंपरिक सत्यनारायण पूजा में 16 उपचार (Shodashopachara) होते हैं। यहाँ मुख्य चरणों के लिए आवश्यक मंत्र दिए गए हैं:

1. ध्यान मंत्र (Dhyanam)

बाहरी पूजा शुरू करने से पहले मन में भगवान का ध्यान करें।


ध्यायेत सत्यं गुणातीतं गुणत्रय समन्वितम् |
लोकनाथं त्रिलोकेशं कौस्तुभाभरणं हरिम् ||
नीलवर्ण पीतवस्त्रं श्रीवत्स पद भूषितम् |
गोविन्दं गोकुलानन्दं ब्रह्माद्यैरपि पूजितम् ||

अर्थ: मैं उन सत्यस्वरूप भगवान का ध्यान करता हूँ जो तीनों गुणों से परे हैं, त्रिलोकीनाथ हैं, जिन्होंने कौस्तुभ मणि धारण की है, जिनका वर्ण नीला है और जो पीतांबर धारी हैं।

2. आवाहन मंत्र (Avahanam)

भगवान सत्यनारायण को मूर्ति या कलश में पधारने के लिए आमंत्रित करें।


दामोदर समागच्छ लक्ष्म्या सह जगत्पते |
इमां मया कृतां पूजां गृहाण सुरसत्तम ||
श्री लक्ष्मी सहित श्री सत्यनारायणाय आवाहयामि |

अर्थ: हे जगत्पति दामोदर! आप लक्ष्मी जी सहित पधारें। हे सुरश्रेष्ठ! मेरे द्वारा की गई इस पूजा को स्वीकार करें। मैं श्री लक्ष्मी सहित भगवान सत्यनारायण का आवाहन करता हूँ।

3. आसन मंत्र (Asanam)

मानसिक रूप से भगवान को रत्नों से जड़ा आसन अर्पित करें।


नानारत्न समाकीर्णं कार्तस्वर विभूषितम् |
आसनं देवदेवेश! प्रीत्यर्थं प्रतिगृह्यताम् ||
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः आसनं समर्पयामि |

अर्थ: हे देवाधिदेव! अनेक प्रकार के रत्नों से युक्त और सोने से सजा हुआ यह आसन प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार करें।

4. पाद्य मंत्र (Padyam)

भगवान के चरण धोने के लिए जल अर्पित करें।


नारायणः नमस्तेऽस्तु नरकार्णवतारक |
पाद्यं गृहाण देवेश! मम सौख्यं विवर्धय ||
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः पादयोः पाद्यं समर्पयामि |

अर्थ: हे नरक रूपी सागर से तारने वाले नारायण! आपको नमस्कार है। हे देवेश! यह पाद्य (चरण धोने का जल) स्वीकार करें और मेरे सुख की वृद्धि करें।

5. पंचामृत स्नान (Panchamrita Snanam)

दूध, दही, घी, शहद और शक्कर के मिश्रण से स्नान कराएं।


स्नानं पञ्चामृतैर्देव गृहाण सुरसत्तम |
अनाथनाथ सर्वज्ञ गीर्वाण प्रणतप्रिय ||
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः पञ्चामृत स्नानं समर्पयामि |

अर्थ: हे सुरश्रेष्ठ! हे अनाथों के नाथ! पंचामृत से स्नान स्वीकार करें।

6. वस्त्र समर्पण (Vastram)

भगवान को नए वस्त्र (पीला या लाल कपड़ा) अर्पित करें।


शीतवातोष्ण संत्राणं लज्जायाः रक्षणं परम् |
देहालङ्करणं वस्त्रं प्रीत्यर्थं प्रतिगृह्यताम् ||
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः वस्त्र युग्मं समर्पयामि |

अर्थ: सर्दी, हवा और धूप से रक्षा करने वाले और शरीर की शोभा बढ़ाने वाले ये वस्त्र प्रसन्नता के लिए स्वीकार करें।

7. नैवेद्य मंत्र (Naivedyam)

भगवान को प्रसाद (शीरा, फल) का भोग लगाएं।


घृतपक्वं हविष्यन्नं पायसं च सशर्करम् |
नानाविधं च नैवेद्यं गृहाणीण्व सुरसत्तम ||
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः नैवेद्यं निवेदयामि |

अर्थ: हे सुरश्रेष्ठ! घी में पका हुआ, शक्कर युक्त खीर और नाना प्रकार का नैवेद्य (भोग) स्वीकार करें।

8. आरती मंत्र (Aarti)

अंत में कपूर या घी के दीपक से मंगल आरती करें।


चतुर्वर्ति समायुक्तं गोघृतेन च पूरितम् |
आरार्तिक्यमहं कुर्वे पश्य मे वरदो भव ||
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः मंगल आरतीं समर्पयामि |

अर्थ: चार बत्तियों से युक्त और गाय के घी से भरे हुए दीपक से मैं आपकी आरती करता हूँ। आप मुझे वरदान दें।

मंत्र जाप क्यों महत्वपूर्ण है?

वैदिक संस्कृति में, शब्द (ध्वनि) को शक्ति का रूप माना जाता है। सत्यनारायण पूजा के मंत्रों की एक विशिष्ट आवृत्ति (Frequency) होती है जो आपके घर की ऊर्जा को सकारात्मक बनाती है। मंत्रों का सही उच्चारण पूजा के पूर्ण फल के लिए आवश्यक है।

शुद्ध उच्चारण के लिए पंडित बुक करें

यदि आपको मंत्रों के उच्चारण में कठिनाई हो, तो SmartPuja से अनुभवी पंडित बुक करें। वे पूरी विधि और शुद्ध मंत्रोच्चार के साथ आपके घर पर पूजा संपन्न करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. मंत्र जाप करते समय किस दिशा में मुख करना चाहिए?

भगवान की मूर्ति को पूर्व या उत्तर दिशा में रखना चाहिए और भक्त को मंत्र जाप करते समय पूर्व या उत्तर की ओर मुख करना चाहिए।

2. क्या हम घर पर स्वयं सत्यनारायण पूजा कर सकते हैं?

हाँ, आप स्वयं सरल पूजा कर सकते हैं। लेकिन, 16 उपचारों वाली पूर्ण वैदिक पूजा के लिए SmartPuja से अनुभवी पंडित बुक करना बेहतर है।

3. सत्यनारायण पूजा का मुख्य मंत्र क्या है?

सबसे प्रमुख मंत्र है ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’। इसके जाप से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

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Nishchay Chaturvedi