Panchak 2026 Dates: पंचक कब से कब तक है?

Panchak Dates 2026: शुरुआत और समाप्ति का समय, प्रभाव और उपाय
पंचक क्या है? वैदिक ज्योतिष में पंचक पांच दिनों की वह अवधि है जब चंद्रमा अंतिम पांच नक्षत्रों (धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती) में गोचर करता है। इस दौरान छत का निर्माण, दाह संस्कार और दक्षिण दिशा की यात्रा जैसे कार्य वर्जित माने जाते हैं।
पंचक : वैदिक ज्योतिष में, पंचक को एक अत्यंत संवेदनशील समय माना जाता है। हालांकि सभी पंचक बुरे नहीं होते, लेकिन पंचक के प्रकार (रोग, अग्नि, राज, चोर या मृत्यु) को जानकर ही यह तय किया जा सकता है कि यह आपके शुभ कार्यों, जैसे गृह प्रवेश या विवाह, के लिए अनुकूल है या नहीं।
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क्या आप कोई बड़ा आयोजन कर रहे हैं? सुनिश्चित करें कि मुहूर्त पंचक दोष से मुक्त हो।
- जनवरी: मिश्रित
- फरवरी: 🔥 अग्नि पंचक
- मार्च: 👑 राज पंचक
- अप्रैल: 👑 राज पंचक
- मई: 🤒 रोग पंचक
- जून: 💀 मृत्यु पंचक
- जुलाई: 💀 मृत्यु / 🚫 चोर
- अगस्त: मिश्रित
- सितंबर: मिश्रित
- अक्टूबर: मिश्रित
- नवंबर: 🔥 अग्नि पंचक
- दिसंबर: 👑 राज पंचक
📅 पंचक कैलेंडर 2026 (पूरी सूची)
*नोट: सभी समय नई दिल्ली (IST) पर आधारित हैं। अपने शहर के सटीक समय के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
| माह | पंचक आरंभ | पंचक समाप्त | प्रकार |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 21 जन, 01:35 AM | 25 जन, 01:35 PM | मिश्रित |
| फरवरी | 17 फर, 09:05 AM | 21 फर, 07:07 PM | 🔥 अग्नि पंचक |
| मार्च | 16 मार्च, 06:14 PM | 21 मार्च, 02:27 AM | 👑 राज पंचक |
| अप्रैल | 13 अप्रै, 03:44 AM | 17 अप्रै, 12:02 PM | 👑 राज पंचक |
| मई | 10 मई, 12:12 PM | 14 मई, 10:34 PM | 🤒 रोग पंचक |
| जून | 6 जून, 07:03 PM | 11 जून, 08:16 AM | 💀 मृत्यु पंचक |
| जुलाई | 4 जुलाई, 12:48 AM | 8 जुलाई, 04:00 PM | 💀 मृत्यु पंचक |
| जुला/अगस्त | 31 जुलाई, 06:38 AM | 4 अगस्त, 09:54 PM | 🚫 चोर पंचक |
| अगस्त | 27 अगस्त, 01:35 PM | 1 सितं, 03:23 AM | मिश्रित |
| सितंबर | 23 सितं, 09:57 PM | 28 सितं, 10:16 AM | मिश्रित |
| अक्टूबर | 21 अक्टू, 07:00 AM | 25 अक्टू, 07:22 PM | मिश्रित |
| नवंबर | 17 नवं, 03:30 PM | 22 नवं, 05:54 AM | 🔥 अग्नि पंचक |
| दिसंबर | 14 दिसं, 10:35 PM | 19 दिसं, 03:58 PM | 👑 राज पंचक |
पंचक के प्रकार और उनके प्रभाव
पंचक की प्रकृति उस दिन पर निर्भर करती है जिस दिन वह शुरू होता है।
रविवार को शुरू होता है। यह शारीरिक और मानसिक तनाव का कारण बनता है। शुभ कार्यों से बचें।
सोमवार को शुरू होता है। इसे शुभ माना जाता है। संपत्ति और सरकारी कार्यों के लिए उत्तम है।
मंगलवार को शुरू होता है। इसमें आग का खतरा रहता है। निर्माण कार्य से बचें, लेकिन कानूनी मामलों के लिए ठीक है।
शनिवार को शुरू होता है। इसे सबसे संवेदनशील माना जाता है। जोखिम भरे कार्यों या नई शुरुआत से बचें।
शुक्रवार को शुरू होता है। धन की हानि या चोरी का संकेत देता है। वित्तीय लेनदेन या यात्रा से बचें।
पंचक में ये 5 कार्य सख्ती से मना हैं
- छत डालना: इस दौरान छत (लेंटर) डालने से पारिवारिक कलह हो सकती है।
- बिस्तर खरीदना: बिस्तर, गद्दा या पलंग बनवाना या खरीदना वर्जित है।
- दक्षिण दिशा की यात्रा: दक्षिण यम (मृत्यु के देवता) की दिशा है। इस दिशा में यात्रा करना कष्टकारी हो सकता है।
- लकड़ी इकट्ठा करना: ईंधन, लकड़ी या घास जमा करने से अग्नि भय (आग का खतरा) हो सकता है।
- दाह संस्कार: बिना पंचक शांति (कुशा के पुतलों का उपयोग) के अंतिम संस्कार करना वंश के लिए हानिकारक माना जाता है।
पंचक शांति के उपाय
यदि पंचक के दौरान कोई अनिवार्य कार्य करना ही पड़े, तो वैदिक ज्योतिष में ये उपाय सुझाए गए हैं:
- छत निर्माण के लिए: काम शुरू करने से पहले मजदूरों को मिठाई खिलाएं।
- दक्षिण यात्रा के लिए: निकलने से पहले भगवान हनुमान को फल अर्पित करें।
- फर्नीचर खरीदने के लिए: छोटी गायत्री हवन करें या इसे सर्वार्थ सिद्धि योग में खरीदें।
- दाह संस्कार के लिए: पंडित कुशा (घास) के पांच पुतले बनाते हैं और उन्हें शव के साथ जलाते हैं ताकि पंचक दोष समाप्त हो सके।
दाह संस्कार के लिए तत्काल पंचक शांति की आवश्यकता है?
क्या पंचक वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है?
पंचक की अवधारणा वैदिक ज्योतिष और चंद्र गोचर पर आधारित है, न कि आधुनिक अनुभवजन्य विज्ञान पर। यह एक सांस्कृतिक और ज्योतिषीय ढांचा है जिसका उपयोग मानवीय गतिविधियों को ब्रह्मांडीय लय के साथ संरेखित करने के लिए किया जाता है। हालाँकि नक्षत्रों को शारीरिक हानि से जोड़ने का कोई प्रत्यक्ष वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, फिर भी लाखों लोग संवेदनशील ग्रहों के संक्रमण के दौरान सावधानी बरतने के लिए इन समयों का पालन करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
नहीं। केवल मृत्यु, रोग और चोर पंचक को ही अशुभ माना जाता है। राज पंचक वास्तव में संपत्ति और करियर से संबंधित गतिविधियों के लिए अच्छा होता है।
हाँ, आप सत्यनारायण पूजा, गृह प्रवेश (शांति पूजा के साथ) और दैनिक अनुष्ठान कर सकते हैं। केवल विशिष्ट गतिविधियाँ जैसे छत निर्माण और दक्षिण दिशा की यात्रा प्रतिबंधित है।
पंचक का निर्धारण चंद्रमा के नक्षत्र गोचर से होता है और यह पूरे भारत में समान रहता है। हालाँकि, स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की गणना के आधार पर सटीक समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।









