माँ शैलपुत्री: नवरात्रि का पहला दिन, पूजा विधि, मंत्र और 2026 मुहूर्त

Festivals

माँ शैलपुत्री: नवरात्रि का पहला दिन, पूजा विधि, मंत्र…

माँ शैलपुत्री की मूर्ति, नवरात्रि के पहले दिन की पूजा के लिए

माँ शैलपुत्री: नवरात्रि का पहला दिन, पूजा विधि और महत्व

नवरात्रि के पावन पर्व का शुभारंभ माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप, माँ शैलपुत्री की उपासना से होता है। ये नवदुर्गा (नौ रूपों) में से पहली और सबसे प्रमुख शक्ति हैं।

पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। बैल पर सवार और हाथ में त्रिशूल धारण किए हुए, माँ का यह रूप दृढ़ता और पवित्रता का प्रतीक है। पहले दिन इनकी पूजा करने से ‘मूलाधार चक्र’ जागृत होता है और जीवन में स्थिरता आती है।

📅 2026 में माँ शैलपुत्री की पूजा कब है?

सभी व्रत और त्योहारों की सूची के लिए हमारा हिंदू त्योहार कैलेंडर 2026 देखें।

🌸 चैत्र नवरात्रि (वसंत)
तिथि: 19 मार्च 2026 (गुरुवार)
विशेष: घटस्थापना
🍂 शरद नवरात्रि (पतझड़)
तिथि: 11 अक्टूबर 2026 (रविवार)
विशेष: नवरात्रि आरंभ

माँ शैलपुत्री की कथा (Mythology)

पौराणिक कथाओं के अनुसार, अपने पूर्व जन्म में देवी का नाम सती था और वे प्रजापति दक्ष की पुत्री थीं। पिता द्वारा अपने पति भगवान शिव का अपमान सहन न कर पाने के कारण उन्होंने योगाग्नि में अपने शरीर को भस्म कर दिया।

अगले जन्म में उनका जन्म पर्वतराज हिमालय के घर हुआ, इसलिए उनका नाम शैलपुत्री (शैल = पर्वत, पुत्री = बेटी) पड़ा। इस जन्म में भी उन्होंने कठोर तपस्या करके भगवान शिव को पुनः पति रूप में प्राप्त किया।

👁️ माँ का दिव्य स्वरूप:

  • वाहन: वृषभ (बैल), जो धर्म का प्रतीक है।
  • अस्त्र: दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का फूल।
  • प्रतीक: माथे पर अर्धचंद्र, जो समय के चक्र को दर्शाता है।

घटस्थापना और पूजा विधि

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) का विशेष महत्व है। पूजा के मुख्य चरण इस प्रकार हैं:

1. कलश स्थापना

मिट्टी के कलश में पवित्र जल, सिक्के और सुपारी डालें। ऊपर आम के पत्ते और नारियल रखें। यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतीक है।

2. जौ बोना (जवारा)

मिट्टी के बर्तन में जौ बोएं। यह आने वाले वर्ष में सुख-समृद्धि और विकास का प्रतीक है।

3. आवाहन

विघ्नहर्ता गणेश जी का आवाहन करें, फिर नवग्रह और अंत में माँ शैलपुत्री का ध्यान करें।

4. भोग (प्रसाद)

माँ शैलपुत्री को शुद्ध देसी घी का भोग लगाएं। इससे निरोगी काया और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है।

🕉️ माँ शैलपुत्री मंत्र

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

“मैं मनोवांछित लाभ के लिए मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने वाली, वृष (बैल) पर सवार और त्रिशूल धारण करने वाली यशस्विनी माँ शैलपुत्री की वंदना करता हूँ।”

🎨 पहले दिन का शुभ रंग: पीला (Yellow)

घटस्थापना के लिए पंडित चाहिए?

वैदिक विधि से पूजा करने पर ही व्रत का पूर्ण फल मिलता है। SmartPuja के 1200+ अनुभवी पंडित आपकी सेवा में उपलब्ध हैं।

निष्कर्ष

माँ शैलपुत्री की उपासना हमारे भीतर संकल्प शक्ति को जगाती है। वे हमें पर्वत की तरह अडिग रहना सिखाती हैं। इस नवरात्रि, SmartPuja के माध्यम से अनुभवी पंडित बुक करें और अपने घर में दैवीय ऊर्जा का स्वागत करें।

📍 Find Vedic Pandits in Your City

Nishchay Chaturvedi