माँ कूष्माण्डा: नवरात्रि चौथा दिन, पूजा विधि, मंत्र और…

माँ कूष्माण्डा: नवरात्रि का चौथा दिन, पूजा विधि और कथा
नवरात्रि के चौथे दिन माँ दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप माँ कूष्माण्डा की पूजा की जाती है। वे नवदुर्गा की वो शक्ति हैं जिन्होंने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की।
इनका नाम तीन शब्दों से मिलकर बना है: ‘कु’ (छोटा), ‘ऊष्मा’ (ऊर्जा) और ‘अंडा’ (ब्रह्मांडीय अंडा)। इनका निवास सूर्यलोक में है, और यही सूर्य को तेज और प्रकाश प्रदान करती हैं।
📅 2026 में माँ कूष्माण्डा की पूजा कब है?
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तिथि: 22 मार्च 2026 (रविवार)
तिथि: 14 अक्टूबर 2026 (बुधवार)
माँ कूष्माण्डा की कथा (Mythology)
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था और चारों ओर केवल अंधकार था, तब माँ कूष्माण्डा ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। इसीलिए इन्हें ‘आदिशक्ति’ भी कहा जाता है।
इन्होंने ही सूर्य, ग्रह, तारे और आकाशगंगाओं का निर्माण किया। केवल इन्हीं में सूर्यलोक के भीतर रहने की शक्ति है। इनके शरीर की कांति और प्रभा भी सूर्य के समान ही देदीप्यमान है।
👁️ माँ का दिव्य स्वरूप:
- वाहन: माँ सिंह (शेर) पर सवार हैं।
- भुजाएं: इनकी आठ भुजाएं हैं (अष्टभुजा)। इनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल, अमृत कलश, चक्र और गदा है।
- सिद्धि माला: आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जप माला है।
पूजा विधि (Navratri Day 4)
माँ कूष्माण्डा की पूजा से ‘अनाहत चक्र’ जाग्रत होता है। पूजा की विधि इस प्रकार है:
1. आवाहन
गणेश जी की वंदना के बाद, माँ कूष्माण्डा का ध्यान करें और लाल फूल अर्पित करें।
2. भोग (प्रसाद)
माँ को मालपुआ अत्यंत प्रिय है। मालपुआ, दही और हलवे का भोग लगाएं।
3. कुम्हड़ा (पेठा)
यदि संभव हो, तो पूजा में कुम्हड़ा (सफेद कद्दू) अर्पित करें, क्योंकि यह उन्हें बहुत पसंद है।
4. आरती
अंत में कपूर जलाकर माँ की आरती करें और मंत्रों का 108 बार जाप करें।
🕉️ माँ कूष्माण्डा मंत्र
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥
“अमृत से परिपूर्ण कलश को धारण करने वाली और कमल पुष्प से सुशोभित माँ कूष्माण्डा मुझे सब सुख प्रदान करें।”
🎨 चौथे दिन का शुभ रंग: नारंगी (Orange)
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निष्कर्ष
माँ कूष्माण्डा समस्त सृष्टि की जननी और ऊर्जा का स्रोत हैं। उनकी उपासना से रोग और शोक नष्ट होते हैं तथा आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है। SmartPuja के साथ अपनी नवरात्रि साधना को सफल बनाएं।









