माँ कात्यायनी: नवरात्रि छठा दिन, पूजा विधि, मंत्र और कथा 2026

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माँ कात्यायनी: नवरात्रि छठा दिन, पूजा विधि, मंत्र और…

माँ कात्यायनी की मूर्ति, महिषासुर मर्दिनी रूप, नवरात्रि के छठे दिन की पूजा

माँ कात्यायनी: नवरात्रि का छठा दिन, पूजा विधि और कथा

नवरात्रि के छठे दिन माँ दुर्गा के अत्यंत तेजस्वी और वीर स्वरूप माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है। वे नवदुर्गा का छठा रूप हैं।

महिषासुर नामक राक्षस का वध करने के लिए इनका जन्म हुआ था, इसलिए इन्हें ‘महिषासुर मर्दिनी’ भी कहते हैं। ब्रज की गोपियों ने भगवान कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए इन्हीं की पूजा की थी, इसलिए विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए इनकी उपासना अचूक मानी जाती है।

📅 2026 में माँ कात्यायनी की पूजा कब है?

सभी व्रत और त्योहारों की सूची के लिए हमारा हिंदू त्योहार कैलेंडर 2026 देखें।

🌸 चैत्र नवरात्रि (छठा दिन)
तिथि: 24 मार्च 2026 (मंगलवार)
🍂 शरद नवरात्रि (छठा दिन)
तिथि: 16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार)

माँ कात्यायनी की कथा (Mythology)

एक समय ‘कत’ नाम के प्रसिद्ध ऋषि थे, उनके पुत्र का नाम ‘कात्य’ था। इसी गोत्र में महर्षि कात्यायन उत्पन्न हुए। उन्होंने भगवती पराम्बा की कठोर तपस्या की कि वे उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लें। माँ ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की।

जब महिषासुर का अत्याचार तीनों लोकों में बढ़ गया, तब ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने अपने-अपने तेज से एक देवी को उत्पन्न किया। महर्षि कात्यायन ने सबसे पहले इनकी पूजा की, इसलिए ये कात्यायनी कहलाईं। इन्होंने ही महिषासुर का वध किया था।

👁️ माँ का दिव्य स्वरूप:

  • वाहन: माँ भव्य सिंह पर सवार हैं।
  • भुजाएं: इनकी चार भुजाएं हैं। बाईं तरफ के हाथों में कमल और तलवार है। दाईं तरफ के हाथ अभय और वरद मुद्रा में हैं।
  • वस्त्र: माँ लाल रंग के वस्त्र धारण करती हैं जो शौर्य का प्रतीक है।

पूजा विधि (Navratri Day 6)

माँ कात्यायनी की पूजा से ‘आज्ञा चक्र’ जाग्रत होता है। पूजा की विधि इस प्रकार है:

1. आवाहन

कलश पूजन के बाद माँ कात्यायनी का ध्यान करें। लाल फूल हाथ में लेकर मंत्र बोलें।

2. भोग (प्रसाद)

माँ को शहद (Honey) अत्यंत प्रिय है। शहद का भोग लगाने से व्यक्तित्व में आकर्षण आता है।

3. पुष्प अर्पण

माँ को लाल गुलाब या लाल गुड़हल का फूल अर्पित करें।

4. शीघ्र विवाह पूजा

विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए हल्दी की गांठ भी अर्पित की जा सकती है।

🕉️ माँ कात्यायनी मंत्र

चंद्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥

“चंद्रहास नामक तलवार से उज्जवल हाथ वाली, श्रेष्ठ सिंह पर सवार और दानवों का नाश करने वाली माँ कात्यायनी मेरा कल्याण करें।”

🎨 छठे दिन का शुभ रंग: लाल (Red)

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निष्कर्ष

माँ कात्यायनी शक्ति और भक्ति का अद्भुत संगम हैं। वे दुष्टों का संहार करती हैं और भक्तों को मनचाहा वर प्रदान करती हैं। SmartPuja के साथ अपनी नवरात्रि पूजा को विधि-विधान से संपन्न करें।

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Nishchay Chaturvedi