माँ कालरात्रि: नवरात्रि सातवां दिन, पूजा विधि, मंत्र और…


माँ कालरात्रि: नवरात्रि का सातवां दिन, पूजा विधि और कथा
नवरात्रि के सातवें दिन माँ दुर्गा के सबसे भयानक और शक्तिशाली स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। वे नवदुर्गा की सातवीं शक्ति हैं।
इनका रंग घने अंधकार की तरह काला है, लेकिन ये अपने भक्तों के लिए सदैव शुभ फलदायी हैं, इसलिए इन्हें ‘शुभंकरी’ भी कहा जाता है। इनकी पूजा से अकाल मृत्यु का भय, भूत-प्रेत बाधा और ग्रह दोष (विशेषकर शनि) दूर होते हैं।
📅 2026 में माँ कालरात्रि की पूजा कब है?
अन्य सभी त्योहारों की जानकारी के लिए हमारा हिंदू त्योहार कैलेंडर 2026 देखें।
तिथि: 25 मार्च 2026 (बुधवार)
तिथि: 17 अक्टूबर 2026 (शनिवार)
माँ कालरात्रि की कथा (Mythology)
देवी महात्म्य के अनुसार, शुम्भ और निशुम्भ नामक राक्षसों के सेनापति चण्ड और मुण्ड ने स्वर्ग में हाहाकार मचा रखा था। देवताओं की रक्षा के लिए माँ पार्वती के मस्तक से काली (कालरात्रि) प्रकट हुईं।
उन्होंने युद्ध भूमि में चण्ड और मुण्ड का वध किया और ‘चामुंडा’ कहलाईं। बाद में, रक्तबीज नामक राक्षस से युद्ध करते समय, उन्होंने उसका रक्त ज़मीन पर गिरने से पहले ही पी लिया, ताकि उससे और राक्षस न पैदा हो सकें। इस प्रकार उन्होंने बुराई का अंत किया।
- वर्ण: इनका रंग कृष्ण वर्ण (काला) है और बाल बिखरे हुए हैं।
- नेत्र: इनके तीन नेत्र हैं जो ब्रह्मांड की तरह गोल हैं और जिनसे बिजली जैसी किरणें निकलती हैं।
- वाहन: माँ गर्दभ (गधे) पर सवार हैं।
- भुजाएं: चार भुजाओं में खड्ग (लोहे का कांटा) और मशाल है। अन्य दो हाथ अभय और वरद मुद्रा में हैं।
पूजा विधि (Navratri Day 7)
माँ कालरात्रि की पूजा से ‘सहस्रार चक्र’ जाग्रत होता है। सप्तमी की रात तंत्र साधना के लिए विशेष मानी जाती है।
पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें। ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र के साथ माँ का आवाहन करें।
माँ को गुड़ (Jaggery) अत्यंत प्रिय है। गुड़ का भोग लगाने से दरिद्रता और शोक का नाश होता है।
माँ को ‘रात की रानी’ या लाल गुड़हल का फूल अर्पित करें।
कपूर से आरती करें। इस दिन काली चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत लाभकारी है।
🕉️ माँ कालरात्रि मंत्र
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकणी तैलअभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा।
वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
“गधे पर सवार, भयंकर रूप वाली, तेल से युक्त शरीर वाली और कांटों के आभूषण पहनने वाली भयानक माँ कालरात्रि हम पर कृपा करें।”
🎨 सातवें दिन का शुभ रंग: नीला (Royal Blue)
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निष्कर्ष
माँ कालरात्रि का रूप भले ही भयानक हो, लेकिन वे अपने भक्तों को सदैव शुभ फल देती हैं। इनकी उपासना से जीवन निर्भय हो जाता है। SmartPuja के साथ अपनी नवरात्रि साधना को विधि-विधान से संपन्न करें।









