माँ चंद्रघंटा: नवरात्रि तीसरा दिन, पूजा विधि, मंत्र और कथा 2026

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माँ चंद्रघंटा: नवरात्रि तीसरा दिन, पूजा विधि, मंत्र और…

माँ चंद्रघंटा की मूर्ति, नवरात्रि के तीसरे दिन की पूजा

माँ चंद्रघंटा: नवरात्रि का तीसरा दिन, पूजा विधि और कथा

नवरात्रि के तीसरे दिन माँ दुर्गा के तृतीय स्वरूप माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। वे नवदुर्गा की सबसे सौम्य और वीर शक्ति मानी जाती हैं।

इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र (चंद्र) सुशोभित है, इसीलिए इनका नाम ‘चंद्रघंटा’ पड़ा। इनकी पूजा से भक्तों को भय से मुक्ति मिलती है और जीवन में शांति और वीरता का संचार होता है।

📅 2026 में माँ चंद्रघंटा की पूजा कब है?

अन्य सभी त्योहारों की जानकारी के लिए हमारा हिंदू त्योहार कैलेंडर 2026 देखें।

🌸 चैत्र नवरात्रि (तीसरा दिन)
तिथि: 21 मार्च 2026 (शनिवार)
🍂 शरद नवरात्रि (तीसरा दिन)
तिथि: 13 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)

माँ चंद्रघंटा की कथा (Mythology)

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान शिव ने देवी पार्वती से विवाह करना स्वीकार किया, तो वे बारात लेकर पहुंचे। बारात में भूत-प्रेत, अघोरी और भयानक गण शामिल थे। शिवजी का यह रूप देखकर पार्वती जी की माँ मैनावती भयभीत होकर मूर्छित हो गईं।

अपने परिवार और माता का भय दूर करने के लिए देवी पार्वती ने चंद्रघंटा का रूप धारण किया। उन्होंने शिवजी से प्रार्थना की कि वे सुंदर राजकुमार के रूप में विवाह मंडप में आएं। माँ चंद्रघंटा का यह रूप भक्तों को अभय प्रदान करने वाला है।

👁️ माँ का दिव्य स्वरूप:

  • वाहन: माँ सिंह (शेर) पर सवार हैं, जो पराक्रम का प्रतीक है।
  • भुजाएं: इनकी दस भुजाएं हैं जिनमें खड्ग, तलवार, ढाल, गदा, पाश, त्रिशूल, चक्र, धनुष और बाण सुशोभित हैं।
  • वर्ण: इनका शरीर सोने के समान चमकीला है।

पूजा विधि (Navratri Day 3)

माँ चंद्रघंटा की पूजा से ‘मणिपुर चक्र’ जाग्रत होता है। पूजा की विधि इस प्रकार है:

1. शुद्धि

पूजा स्थान को गंगाजल से पवित्र करें और कलश पूजन करें।

2. पुष्प अर्पण

माँ को चमेली या पीले/लाल फूल अर्पित करें। पूजा के दौरान घंटी जरूर बजाएं।

3. भोग

माँ चंद्रघंटा को दूध या दूध से बनी मिठाई (जैसे खीर) का भोग अत्यंत प्रिय है।

4. आरती

अंत में कपूर जलाकर माँ की आरती करें और मंत्रों का जाप करें।

🕉️ माँ चंद्रघंटा मंत्र

पिण्डज प्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

“श्रेष्ठ सिंह पर सवार और चंडकादि अस्त्रों से युक्त, माँ चंद्रघंटा मुझ पर अपनी कृपा बनाए रखें।”

🎨 तीसरे दिन का शुभ रंग: ग्रे (Grey) या लाल

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निष्कर्ष

माँ चंद्रघंटा शांति और वीरता की प्रतीक हैं। उनकी उपासना से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। SmartPuja के साथ अपनी नवरात्रि साधना को सफल बनाएं और देवी की कृपा प्राप्त करें।

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Nishchay Chaturvedi