गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा 2026: सताइसा पूजा की सही विधि, तिथियां और लाभ

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गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा 2026: सताइसा पूजा

गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा (सताइसा): 2026 विधि और मुहूर्त

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कुछ नक्षत्र ऐसे होते हैं जो अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं और उनमें जन्म लेने वाले शिशु को विशेष पूजा की आवश्यकता होती है। यदि आपके बच्चे का जन्म अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल या रेवती नक्षत्र में हुआ है, तो उसे गंड मूल दोष होता है।

यह दोष नवजात शिशु के स्वास्थ्य या माता-पिता के जीवन में कठिनाइयां ला सकता है। लेकिन घबराने की कोई बात नहीं है। गंड मूल शांति पूजा (जिसे सताइसा पूजा भी कहते हैं) एक शक्तिशाली वैदिक उपाय है जो इन प्रभावों को निष्क्रिय करता है और बच्चे को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद देता है।

⚠️ पूजा में देरी न करें!

यह पूजा बच्चे के जन्म के 27वें दिन करना सबसे उत्तम माना जाता है। स्मार्टपूजा (SmartPuja) आपके घर पर अनुभवी वैदिक पंडितों द्वारा 27,000 या 81,000 मंत्र जाप के साथ शांति पूजा संपन्न कराता है।

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गंड मूल के 6 नक्षत्र कौन से हैं?

ये 27 नक्षत्रों में से 6 नक्षत्र हैं, जिन पर केतु और बुध ग्रह का शासन होता है। जांचें कि क्या आपके बच्चे का जन्म नक्षत्र इस सूची में है:

ग्रह (स्वामी) नक्षत्र संभावित प्रभाव
बुध (Mercury) आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती बच्चे के स्वास्थ्य या मन को प्रभावित कर सकता है।
केतु (Ketu) अश्विनी, मघा, मूल पिता या आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

माता-पिता पर गंड मूल का प्रभाव

माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि यह दोष उन्हें कैसे प्रभावित करेगा। ज्योतिष के अनुसार:

  • मूल नक्षत्र (प्रथम चरण): पिता के लिए कष्टकारी हो सकता है।
  • आश्लेषा नक्षत्र: माता या सास के स्वास्थ्य पर थोड़ा प्रभाव डाल सकता है।
  • ज्येष्ठा नक्षत्र: बड़े भाई-बहनों को प्रभावित कर सकता है।

नोट: ये सामान्य प्रभाव हैं। सटीक भविष्यवाणी के लिए कुंडली का विश्लेषण आवश्यक है। शांति पूजा करने से ये सभी नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाते हैं।

❓ अपने बच्चे का नक्षत्र नहीं जानते?

सही गंड मूल नक्षत्र का पता लगाना या सही 27वां दिन निकालना थोड़ा कठिन हो सकता है। जन्म स्थान और समय के अनुसार तिथियां बदल जाती हैं।

अपने बच्चे की जन्म तिथि, समय और स्थान के आधार पर व्यक्तिगत मुहूर्त विवरण (राशि, नक्षत्र और पूजा की तारीख) प्राप्त करें।

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2026 में गंड मूल नक्षत्र की तिथियां

यदि आप 27वां दिन चूक गए हैं, तो आप इन नक्षत्रों के सक्रिय होने पर किसी भी दिन शांति पूजा कर सकते हैं। यहाँ 2026 का पूरा कैलेंडर दिया गया है:

⚠️ महत्वपूर्ण नोट: नीचे दी गई तिथियां मानक पंचांग पर आधारित हैं। आपके शहर के अनुसार समय (सूर्योदय/सूर्यास्त) में थोड़ा अंतर हो सकता है। सटीक समय के लिए मुहूर्त फाइंडर का उपयोग करें।

जनवरी 2026

नक्षत्र आरंभ समय समाप्ति समय
आश्लेषा 5 जन, 01:25 PM 6 जन (समाप्त)
मघा 6 जन (शुरू) 7 जन, 11:57 AM
ज्येष्ठा 15 जन, 03:04 AM 16 जन (समाप्त)
मूल 16 जन (शुरू) 17 जन, 08:12 AM
रेवती 24 जन, 02:16 PM 25 जन (समाप्त)
अश्विनी 25 जन (शुरू) 26 जन, 12:33 PM

फरवरी 2026

नक्षत्र आरंभ समय समाप्ति समय
आश्लेषा 1 फर, 11:58 PM 2 फर (समाप्त)
मघा 2 फर (शुरू) 3 फर, 10:11 PM
ज्येष्ठा 11 फर, 10:53 AM 12 फर (समाप्त)
मूल 12 फर (शुरू) 13 फर, 04:13 PM
रेवती 20 फर, 08:08 PM 21 फर (समाप्त)
अश्विनी 21 फर (शुरू) 22 फर, 05:55 PM

मार्च 2026

नक्षत्र आरंभ समय समाप्ति समय
आश्लेषा 1 मार्च, 08:35 AM 2 मार्च (समाप्त)
मघा 2 मार्च (शुरू) 3 मार्च, 07:32 AM
ज्येष्ठा 10 मार्च, 07:05 PM 11 मार्च (समाप्त)
मूल 11 मार्च (शुरू) 13 मार्च, 12:44 AM
रेवती 20 मार्च, 04:05 AM 21 मार्च (समाप्त)
अश्विनी 21 मार्च (शुरू) 22 मार्च, 12:38 AM
आश्लेषा 28 मार्च, 02:51 PM 29 मार्च (समाप्त)
मघा 29 मार्च (शुरू) 30 मार्च, 02:48 PM

अप्रैल 2026

नक्षत्र आरंभ समय समाप्ति समय
ज्येष्ठा 7 अप्रैल, 02:57 AM 8 अप्रैल (समाप्त)
मूल 8 अप्रैल (शुरू) 9 अप्रैल, 08:49 AM
रेवती 16 अप्रैल, 01:59 PM 17 अप्रैल (समाप्त)
अश्विनी 17 अप्रैल (शुरू) 18 अप्रैल, 09:43 AM
आश्लेषा 24 अप्रैल, 08:15 PM 25 अप्रैल (समाप्त)
मघा 25 अप्रैल (शुरू) 26 अप्रैल, 08:27 PM

मई 2026

नक्षत्र आरंभ समय समाप्ति समय
ज्येष्ठा 4 मई, 09:58 AM 5 मई (समाप्त)
मूल 5 मई (शुरू) 6 मई, 03:54 PM
रेवती 14 मई, 12:18 AM 15 मई (समाप्त)
अश्विनी 15 मई (शुरू) 15 मई, 08:15 PM
आश्लेषा 22 मई, 02:50 AM 23 मई (समाप्त)
मघा 23 मई (शुरू) 24 मई, 02:10 AM
ज्येष्ठा 31 मई, 04:12 PM 1 जून (समाप्त)

जून 2026

नक्षत्र आरंभ समय समाप्ति समय
मूल 1 जून (शुरू) 2 जून, 10:07 PM
रेवती 10 जून, 09:22 AM 11 जून (समाप्त)
अश्विनी 11 जून (शुरू) 12 जून, 06:29 AM
आश्लेषा 18 जून, 11:33 AM 19 जून (समाप्त)
मघा 19 जून (शुरू) 20 जून, 09:26 AM
ज्येष्ठा 27 जून, 10:11 PM 28 जून (समाप्त)
मूल 28 जून (शुरू) 30 जून, 04:04 AM

जुलाई 2026

नक्षत्र आरंभ समय समाप्ति समय
रेवती 7 जुलाई, 04:24 PM 8 जुलाई (समाप्त)
अश्विनी 8 जुलाई (शुरू) 9 जुलाई, 02:56 PM
आश्लेषा 15 जुलाई, 09:47 PM 16 जुलाई (समाप्त)
मघा 16 जुलाई (शुरू) 17 जुलाई, 06:35 PM
ज्येष्ठा 25 जुलाई, 04:37 AM 26 जुलाई (समाप्त)
मूल 26 जुलाई (शुरू) 27 जुलाई, 10:29 AM

अगस्त 2026

नक्षत्र आरंभ समय समाप्ति समय
रेवती 3 अगस्त, 10:01 PM 4 अगस्त (समाप्त)
अश्विनी 4 अगस्त (शुरू) 5 अगस्त, 09:18 PM
आश्लेषा 12 अगस्त, 08:00 AM 13 अगस्त (समाप्त)
मघा 13 अगस्त (शुरू) 14 अगस्त, 04:39 AM
ज्येष्ठा 21 अगस्त, 11:53 AM 22 अगस्त (समाप्त)
मूल 22 अगस्त (शुरू) 23 अगस्त, 05:45 PM
रेवती 31 अगस्त, 03:45 AM 1 सितंबर (समाप्त)

सितंबर 2026

नक्षत्र आरंभ समय समाप्ति समय
अश्विनी 1 सितं, (शुरू) 2 सितं, 02:43 AM
आश्लेषा 8 सितं, 04:40 PM 9 सितं (समाप्त)
मघा 9 सितं (शुरू) 10 सितं, 02:05 PM
ज्येष्ठा 17 सितं, 07:54 PM 18 सितं (समाप्त)
मूल 18 सितं (शुरू) 20 सितं, 01:43 AM
रेवती 27 सितं, 11:08 AM 28 सितं (समाप्त)
अश्विनी 28 सितं (शुरू) 29 सितं, 09:04 AM

अक्टूबर 2026

नक्षत्र आरंभ समय समाप्ति समय
आश्लेषा 5 अक्टू, 11:10 PM 6 अक्टू (समाप्त)
मघा 6 अक्टू (शुरू) 7 अक्टू, 09:41 PM
ज्येष्ठा 15 अक्टू, 04:03 AM 16 अक्टू (समाप्त)
मूल 16 अक्टू (शुरू) 17 अक्टू, 09:47 AM
रेवती 24 अक्टू, 08:32 PM 25 अक्टू (समाप्त)
अश्विनी 25 अक्टू (शुरू) 26 अक्टू, 05:42 PM

नवंबर 2026

नक्षत्र आरंभ समय समाप्ति समय
आश्लेषा 2 नवं, 04:31 AM 3 नवं (समाप्त)
मघा 3 नवं (शुरू) 4 नवं, 03:27 AM
ज्येष्ठा 11 नवं, 11:39 AM 12 नवं (समाप्त)
मूल 12 नवं (शुरू) 13 नवं, 05:18 PM
रेवती 21 नवं, 06:51 AM 22 नवं (समाप्त)
अश्विनी 22 नवं (शुरू) 23 नवं, 04:16 AM
आश्लेषा 29 नवं, 11:00 AM 30 नवं (समाप्त)

दिसंबर 2026

नक्षत्र आरंभ समय समाप्ति समय
मघा 1 दिसं, 09:01 AM 2 दिसं (समाप्त)
ज्येष्ठा 8 दिसं, 06:17 PM 9 दिसं (समाप्त)
मूल 9 दिसं (शुरू) 10 दिसं, 11:58 PM
रेवती 18 दिसं, 04:10 PM 19 दिसं (समाप्त)
अश्विनी 19 दिसं (शुरू) 20 दिसं, 02:56 PM
आश्लेषा 26 दिसं, 08:13 PM 27 दिसं (समाप्त)
मघा 27 दिसं (शुरू) 28 दिसं, 04:33 PM

सताइसा पूजा कब करनी चाहिए?

“सताइसा” शब्द “27” से आया है। यह पूजा करने का सबसे उत्तम समय जन्म के 27वें दिन होता है, जब चंद्रमा उसी जन्म नक्षत्र में वापस आता है।

  • सर्वोत्तम समय: जन्म के बाद 27वां दिन।
  • वैकल्पिक विकल्प: यदि 27वां दिन छूट गया है, तो आप बच्चे के जन्मदिन पर या ऊपर दी गई तालिका से किसी भी दिन जब जन्म नक्षत्र सक्रिय हो, यह पूजा कर सकते हैं।
  • अवधि: 3-4 घंटे (साधारण) से 3 दिन (महापूजा) तक।

गंड मूल शांति पूजा पैकेज

दोष की गंभीरता के आधार पर उपाय तय किया जाता है। हम 3 प्रकार के पैकेज प्रदान करते हैं:

1. साधारण शांति पूजा
(हल्के दोष के लिए)
इसमें गणपति पूजा, नवग्रह पूजा, नक्षत्र शांति होम और पूर्णाहुति शामिल है।
अवधि: 3-4 घंटे।
2. 27,000 मंत्र जाप (सुझावित)
(मध्यम दोष के लिए)
इसमें 5 पंडित नक्षत्र मंत्र का 27,000 बार जाप करते हैं, जिसके बाद हवन होता है।
अवधि: 5-6 घंटे।
3. 81,000 मंत्र जाप (महापूजा)
(गंभीर दोष के लिए)
यह 3 दिनों तक चलती है। इसमें दोष के पूर्ण निवारण के लिए 81,000 वैदिक मंत्रों का जाप किया जाता है।
अवधि: 3 दिन।

पूजा विधि (संपूर्ण प्रक्रिया)

इस अनुष्ठान में शुद्धि के प्रतीक के रूप में 27 प्रकार की विभिन्न वस्तुओं का उपयोग किया जाता है।

  1. संकल्प: माता-पिता बच्चे के कल्याण के लिए शांति पूजा करने का संकल्प लेते हैं।
  2. कलश स्थापना: 27 अलग-अलग स्थानों (प्रतीकात्मक) के जल और 27 प्रकार के पत्तों का उपयोग किया जाता है।
  3. मूल स्नान: कलश के अभिमंत्रित जल से बच्चे और माता-पिता को स्नान कराया जाता है (27 छेदों वाली छलनी का उपयोग करके)।
  4. हवन: शासक ग्रह (बुध या केतु) को आहुति दी जाती है।
  5. दान: बच्चे के वजन के बराबर अनाज, कपड़े और लोहे के बर्तन का दान (तुला दान) अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या हम यह पूजा 1 साल बाद कर सकते हैं?

हाँ, वैसे तो 27वां दिन सबसे अच्छा है, लेकिन पूजा बाद में भी की जा सकती है, विशेषकर बच्चे के जन्मदिन पर या जब जन्म नक्षत्र दोबारा आता है।

2. अगर पूजा नहीं की गई तो क्या यह हानिकारक है?

गंड मूल दोष बच्चे के लिए बार-बार स्वास्थ्य या व्यवहार संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है। ज्योतिषी जीवन को सुगम बनाने के लिए शांति पूजा की दृढ़ता से सलाह देते हैं।

3. पूजा के लिए किन सामग्रियों की आवश्यकता होती है?

सूची में 27 तरह के पत्ते, 27 कुओं का पानी (गंगाजल), 27 तरह के अनाज और घड़ा व सूप जैसी विशेष चीजें शामिल हैं। स्मार्टपूजा के पंडित ये सभी विशेष सामग्रियां आपके लिए व्यवस्थित करते हैं।

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Nishchay Chaturvedi