अक्षय तृतीया 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, सोना खरीदने का समय और पूजा विधि

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अक्षय तृतीया 2026 शुभ मुहूर्त और पूजा

अक्षय तृतीया 2026: तिथि, सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

अक्षय तृतीया, जिसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू कैलेंडर के सबसे शुभ दिनों में से एक है। संस्कृत शब्द “अक्षय” का अर्थ है “शाश्वत” या “जिसका कभी क्षय (नाश) न हो।” वैदिक शास्त्रों के अनुसार, इस पवित्र दिन पर किया गया कोई भी दान, जप, तप या खरीदारी भक्त को अखंड समृद्धि प्रदान करती है।

वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ने वाला यह पर्व एक दुर्लभ अबूझ मुहूर्त है। इसका अर्थ है कि पूरा दिन स्वाभाविक रूप से शुभ है, और आप बिना पंचांग देखे नए व्यापार की शुरुआत, सोना खरीद, विवाह, या गृह प्रवेश पूजा संपन्न कर सकते हैं।

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अक्षय तृतीया 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

वर्ष 2026 में, यह पर्व सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। चूंकि यह सोमवार (भगवान शिव और चंद्रमा का दिन) को पड़ रहा है, इसलिए यह मानसिक शांति और पारिवारिक सौहार्द के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।

अवसर (Event) दिनांक और समय (IST)
अक्षय तृतीया तिथि 20 अप्रैल, 2026 (सोमवार)
पूजा का मुहूर्त सुबह 06:02 से दोपहर 12:28 बजे तक
सोना खरीदने का समय सुबह 06:02 से रात 11:45 बजे तक
तृतीया तिथि आरंभ 20 अप्रैल को सुबह 03:45 बजे

*नोट: ये समय नई दिल्ली IST पर आधारित हैं। अपने शहर के सटीक समय के लिए स्मार्टपूजा पंडित से परामर्श करें।

प्रमुख शहरों में सोना खरीदने का समय

यद्यपि तिथि पूरे भारत में समान रहती है, लेकिन सूर्योदय के समय के अनुसार शुभ मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है:

  • दिल्ली: 06:02 AM – 12:28 PM
  • मुंबई: 06:20 AM – 12:45 PM
  • बैंगलोर: 06:10 AM – 12:35 PM
  • कोलकाता: 05:30 AM – 11:55 AM

अक्षय तृतीया क्यों मनाई जाती है? (पौराणिक महत्व)

यह पर्व केवल सोना खरीदने तक सीमित नहीं है; यह हिंदू पौराणिक कथाओं में कई महत्वपूर्ण घटनाओं का प्रतीक है:

  • परशुराम जयंती: यह भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम का जन्मदिन है।
  • गंगा अवतरण: इसी पवित्र दिन, राजा भगीरथ के पूर्वजों का उद्धार करने के लिए माँ गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं।
  • अक्षय पात्र: महाभारत के दौरान, भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को अक्षय पात्र (कभी न खाली होने वाला बर्तन) उपहार में दिया था।
  • कृष्ण और सुदामा: जब सुदामा अपने मित्र कृष्ण से मिलने मुट्ठी भर चावल (पोहा) लेकर गए, तो कृष्ण ने उन्हें अक्षय ऐश्वर्य (अपार धन) का आशीर्वाद दिया।
  • महाभारत का लेखन: इसी दिन महर्षि वेद व्यास ने भगवान गणेश को महाभारत महाकाव्य सुनाना शुरू किया था।

💡 प्रो टिप: क्या आप नया बिजनेस शुरू कर रहे हैं? अक्षय तृतीया एक अबूझ मुहूर्त है। सफलता सुनिश्चित करने के लिए गणेश लक्ष्मी पूजा अवश्य करवाएं।

अक्षय तृतीया: क्या करें और क्या न करें (Dos and Don’ts)

इस दिन का अधिकतम आध्यात्मिक लाभ उठाने के लिए इन सरल नियमों का पालन करें:

✅ क्या करें (Dos) ❌ क्या न करें (Don’ts)
सोना, चांदी या जौ खरीदें। खाली हाथ घर न लौटें।
विष्णु-लक्ष्मी पूजा करें। क्रोध करने और अपशब्द बोलने से बचें।
नए निवेश की शुरुआत करें। यदि व्रत है तो नियम न तोड़ें।
अन्न, वस्त्र या जल का दान करें। इस दिन किसी को पैसा उधार न दें।

क्या सोना खरीदना शुभ है?

हाँ। इस दिन सोना खरीदने से घर में देवी लक्ष्मी का आगमन होता है। ऐसा कहा जाता है कि आखा तीज पर खरीदा गया सोना कभी घटता नहीं है, बल्कि बढ़ता ही रहता है।

यदि आप सोना नहीं खरीद सकते, तो आप अन्य शुभ वस्तुएं खरीद सकते हैं:

🏡 संपत्ति और भूमि

फ्लैट बुक करने या भूमि पूजन के लिए उत्तम दिन।

🚗 वाहन

कार या बाइक खरीदना सुरक्षा और समृद्धि लाता है।

🌾 जौ (Barley)

जौ खरीदना सोने के समान शुभ माना जाता है।

राशि अनुसार दान (Zodiac Donations)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, अपनी राशि के आधार पर दान करने से अक्षय तृतीया का फल कई गुना बढ़ जाता है:

  • मेष और वृश्चिक: मसूर की दाल या गुड़ का दान करें।
  • वृषभ और तुला: चीनी, चावल या सफेद वस्त्र दान करें।
  • मिथुन और कन्या: मूंग दाल या हरे वस्त्र दान करें।
  • कर्क: दूध, जल पात्र या चांदी की वस्तु दान करें।
  • सिंह: गेहूं या तांबे की वस्तु दान करें।
  • धनु और मीन: चने की दाल या धार्मिक पुस्तकें दान करें।
  • मकर और कुंभ: तिल, लोहे की वस्तु या गरीबों को भोजन दान करें।

अक्षय तृतीया पूजा विधि

  1. स्नान: ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें। यदि संभव हो, तो पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाएं।
  2. मंदिर की सफाई: घर के मंदिर को साफ करें। पीले कपड़े पर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें।
  3. आवाहन: घी का दीपक जलाएं और अगरबत्ती लगाएं। विष्णु जी को तुलसी और लक्ष्मी जी को कमल या गुलाब अर्पित करें।
  4. नैवेद्य: जौ, गेहूं, चने की दाल और दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
  5. स्वर्ण पूजा: अपने नए खरीदे गए सोने या चांदी को भगवान के सामने रखें और हल्दी-कुमकुम अर्पित करें।
  6. आरती और दान: आरती करें और अंत में जरूरतमंदों को जल पात्र, छाता या भोजन दान करें।

🪔 शक्तिशाली मंत्र

विष्णु मंत्र: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”


लक्ष्मी मंत्र: “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

2026 में अक्षय तृतीया कब है?

अक्षय तृतीया सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को है।

सोना खरीदने का सबसे अच्छा समय क्या है?

सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त 20 अप्रैल, 2026 को सुबह 06:02 बजे से शुरू होकर पूरे दिन रहेगा।

क्या अक्षय तृतीया एक अबूझ मुहूर्त है?

हाँ, पूरा दिन अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिसका अर्थ है कि यह किसी भी शुभ कार्य के लिए स्वाभाविक रूप से शुभ है और इसके लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं है।

क्या यह दिन शादी के लिए अच्छा है?

हाँ, अबूझ मुहूर्त होने के कारण यह विवाह के लिए अत्यंत शुभ दिन है।

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Nishchay Chaturvedi